Saturday, 20 January 2018

मेरे ये दो नैना .....

January 20, 2018 0 Comments

तेरी राह तकते थकती नही मेरे ये दो नैना
चाहे तुझे हर दम हर घड़ी मेरे ये दो नैना
कैसी है तू आ कर बता दे पूछे ये दो नैना 
आ कर तू जरा समझा दे क्यूँ रोये ये दो नैना 
जो भी खता की है वो मेरे इस दिल ने की 
क्यों तू उनको सजा दे ये पूछे मेरे दो नैना 
जो भी सज़ा देनी है तू दे दे बेशक मुझे 
मगर तू इन्हें चुप करा दे यही चाहूँ मैं भी 
रो रो कर नीर का सागर भी बंज़र हो चला 
तू बता बिन सागर ये कैसे रहे मेरे ये दो नैना 
तड़प तड़प के रो रो पड़ती है मेरे दो नैना 
अब तो लहू भी बहता नही नीर की तरह 
इस कदर बंज़र हो गयी है मेरे ये दो नैना 
करता रहता है ये दिल हर वक़्त दुआ की  
तुम लौट आओ अपने शहर चाहे दो नैना 

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Md Danish Ansari

Friday, 19 January 2018

हाले दिल.....

January 19, 2018 0 Comments

जो भी उससे मिलता है वो उसी का हो जाता है 
कुछ इस तरह उसने अपना किरदार बनाया है 
लोग सालो साल तक याद रखते है उसे 
इस क़दर उसने अपनी यादों के निशान डाला है 
हर कोई चाहता है एक उसी से बाते करना 
इस तरह उसने लफ्ज़ो का जादू बिखेर डाला है 
महफ़िल में जब वो आये तो रौनक हो जाती है 
इस तरह का अपने चेहरे पे नूर ले के आयी है 
न हो वो मेरे करीब तो भी कोई गम नही मुझे 
हो अगर नज़रो से दूर तो फिर ग़म ही ग़म है 
कभी करीब होती है तो कभी दूर होती है 
इसी कश्मकश में ज़िन्दगी मजबूर होती है 
जो न चाहे उसकी किसी भी अदा पे मरना 
अक्सर वही उसकी हर एक अदा पे मारा जाता है 
सवाल करते है करने वाले अक्सर ये हमसे 
अंसारी तुम्हे भी कभी किसी से इश्क़ हुआ है 
अब उन्हें कैसे बताये क्या हाले दिल है हमारा 
हम तो उनके पैरों की ख़ाक भी सीने से लगाते है 

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Md Danish Ansari

Thursday, 18 January 2018

दिल की बातें.....

January 18, 2018 0 Comments


दिल की है बाते दिल ही जाने 
माने न माने बात कुछ भी न माने 
तोड़ देता है हर दीवार उसके लिए 
ये दिल बहुत बड़ा बाग़ी हो गया 
उसे देखता है तो मुस्कुराता है 
अंदर ही अंदर मुझे गुदगुदाता है 
ख्याल खुद का रखे न रखे मगर
उसके लिए दिन रात एक करता है 
पूछ लिया एक दिन मैंने उससे 
ए दिल बता तुझपे हक़ किसका है 
वो मुस्कुरा कर कह देता है जब
तू उसी का है तो मैं किसका हूँ 
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Md Danish Ansari