Friday, 30 March 2018

कुछ टूट रहा कुछ बिखर गया

March 30, 2018 0 Comments

कुछ टूट रहा कुछ बिखर गया 
मुझमे जैसे कोई रेत सा फिसल गया 
सिर्फ बाहर को ही शाम होती नहीं यहाँ 
एक शाम उतर रही चुपके से मुझमें 
स्याह अँधेरा कुछ पल में ही हो जायेगा 
वो मुझे अपने गिरफ्त में ले जायेगा 
तू आ और रौशनी कर मेरे अंदर 
मुझे रास्ता दिखा मुझी को मेरे अंदर 
डूब जाये न कही मेरी ज़िन्दगी का सूरज 
तू आ और मेरी कुछ तरबियत कर 
मैं वक़्त का मारा हुआ हूँ मेरे खुदा 
तू अपनी कलम से मेरी हिफाजत कर
मैंने कागज़ के नाओं पे तेरे नाम के सहारे 
सफर पर निकल चूका हूँ तेरे ही सहारे 
डूबता हूँ तो डूब जाऊँ परवाह नहीं मुझको 
तू मुझे कभी याद करे इस दरिया के किनारे 
कोई पूछे की ये दरिया कौन सी है 
तो कहना एक पागल बन्दे की है 
जिसने कागज के नाओं पे मेरा नाम लिखा 
लहरों से जा टकराया एक मेरे नाम के सहारे
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Md Danish Ansari

Thursday, 22 March 2018

ख्वाब | Dream

March 22, 2018 0 Comments

कल रात फिर मुझे नींद नहीं आयी पता नहीं किस बात का मुझे परेशानी थी पूरी रात बिस्तर पर बस करवंटे बदलता रहा कभी इधर कभी उधर खुद को कोसता रहा सो जा बे नालायक कल ऑफिस भी जाना है तुझे, मगर एक नींद थी की रात के पहर में कही दूर दूर तक नहीं थी ! मैं सोना चाहता था पर सो ही न पाया अपनी पलकों को बार बार बंद करता मगर ये बार बार खुल जाते जैसे कोई मेरे सिरहाने बैठा हो और मुझे जगा रहा हो ये कह रहा हो की मुझे नींद आ नहीं रही और तुम यहाँ मजे से सोने की तैयारी में हो !
रात भर करवंटे बदलता रहा कभी नींद पर गुस्सा करता तो कभी खुद पर पूरी रात सो न सका, सुबह करीब छः बजे के आस पास मेरी आँख लगी ही थी के बहन ने मुझे आवाज़ लगा कर जगा दिया 

ओये उठ पता नहीं क्या क्या बड़बड़ाता रहता है मुझमे उस वक़्त जैसे बिजली सी दौड़ गयी मैं फ़ौरन आँख खोल दिया और उठ कर बैठ गया एक बार उठा तो फिर दुबारा नहीं सोया बस यही सोचता रहा की पता नहीं क्या क्या कहा होगा मैंने बहन बता रही थी की इतने जोर जोर से बड़बड़ा रहा था की मेरी आवाज़ से अम्मी की नींद खुल गयी ! काफी देर बाद मैंने खुद ही पूछ लिया वैसे मैं नींद में क्या कह रहा था - पता नहीं कुछ समझ नहीं आया मुझे ! 
मैंने चैन की साँसे ली और मन ही मन कहा बच गया बैठा दानिश तू वरना पता नहीं कितनो के आज राज खुल जाते जिसमे से एक तेरा भी होता इन सबसे एक बात तो यह मैं समझ गया की मुझे जितना जागते हुए सावधान रहना है उससे कहीं ज्यादा सोते वक़्त रहना होगा ! आप सोच रहे होंगे यार वो ख्वाब क्या था - बस इतना समझ लीजिये बहुत खूबसूरत और खास था और डरावना भी जो किसी से कह नहीं सकता!

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Md Danish Ansari

Tuesday, 20 March 2018

Tum Kaun Piya | First Part

March 20, 2018 0 Comments

Meri yaadon me Tum mere khwabo me Tum
jara bata do itna Mujhe ke Tum kaun piya

Jab bhi udas hoti hun tum aa jate ho 
Bina koi dastak ke Tum ho kaun piya

Main to tumhe janti bhi nahi pahchanti bhi nahi
Fir bhi kyun apne se lagte ho ye bata do piya

Kahte ho ke Main apna gum tumhe de dun
Is Qadar ye meharbani mujh par kyo hai piya

Jab bhi udas hoti hun tum mere kareeb hote ho
Ankhon me ask mere hote magar rote tum kyo piya

Sajti hun sanwarti hun khilkhilati hun hansti hun
Tum dur se hi muskurate ho Tum ho kaun piya

Kitne baar kaha hai tumse ke na aaya karo
Magar Tum ho ke haq apna ada kerne aa jate piya

Meri yaadon me Tum mere khwabo me Tum
Jara bata do itna Mujhe ke Tum kaun piya

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Md Danish Ansari

Sunday, 18 March 2018

हिन्दू नव वर्ष | Hindu New Year

March 18, 2018 0 Comments

ग्रंथो में लिखा है की जिस दिन  सृस्टि का चक्र प्रथम बार विधाता ने प्रवर्तित किया उस दिन चैत्र शुदी 1 रविवार था ! हम सभी के लिए आज का ये संवत्सर 2075 बहुत ही महत्वपूर्ण है ऐतिहासिक रूप से और हमारे हिन्दू भाई बहनो के लिए यह धार्मिक रूप से बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योकि इस वर्ष भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को रविवार है शुदी और "शुक्ल पक्ष एक है !
चैत्र के महीने के शुक्ल पक्ष की पहली तारीख को सृस्टि का आरम्भ हुआ था।  हिन्दू नव वर्ष चैत्र प्रतिप्रदा को शुरू होता है इस दिन ग्रहो और नक्षत्रों में दिशा परिवर्तन होता है हिंदी महीने की शुरुआत इसी दिन से होती है !

इसी समय सभी पेड़ पौधों में फूल मंजर कली आते है वातावरण में एक नया जोश होता है जो मन को मोह लेता है ! जीवो में धर्म के प्रति आस्था बढ़ जाती है और इसी दिन ब्रम्हा जी ने सृस्टि का निर्माण किया था भगवान विष्णु का प्रथम अवतार इसी दिन हुआ था साथ ही साथ नव रात्र की शुरुआत इसी दिन से होती है जहा हिन्दू भाई बहन उपवास रखते है !

वैष्णव दर्शन भी चैत्र मास भगवान नारायण का ही रूप है चैत्र का आध्यात्मिक स्वरुप इतना उन्नत है की इसने बैकुंठ में बसने वाले ईश्वर को भी धरती पर उतार दिया। न शीत न ग्रीष्म पूरा पावन काल है श्री राम का अवतार चैत्र शुक्ल नवमी को होता है चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के ठीक नवे दिन भगवान श्री राम का जन्म हुआ था।  आर्य समाज की स्थापना भी इसी दिन हुई थी यह दिन कल्प सृस्टि युगादि का प्रारंभिक दिन है।  संसार व्यापी निर्मलता और कोमलता के बिच प्रकट होता है हिन्दू नव वर्ष विक्रम संवत्सर विक्रम संवत का सम्बन्ध सिर्फ हमारे काल चक्र यानि समय से ही नहीं बल्कि साहित्य और जीवन जीने की विविधता से भी है। 
चैत्र मास का वैदिक नाम है मधु मास मधु मास मतलब आनंद बाटती वसंत का मास। यह वंसत आ तो जाता है फाल्गुन में मगर पूरी तरह व्यक्त होता है चैत्र में पूरी प्रकृति खिलखिला उठती है फल पकने लगते है चारो और पकी फसल का दर्शन आत्मबल और उत्साह को जन्म देता है खेतो में हलचल फसलों की कटाई हंसिए का खर खर करता स्वर खेतो में डांट डपट मजाक करती आवाजे जरा अपने देखने के नज़रिये को विस्तार दीजिये चैत्र क्या आया मानो खेतो में हंसी ख़ुशी की रौनक  गयी। 
नई फसल का घर में आने का समय भी यही है इस समय प्रकृति में सभी जिव जंतुओं पेड़ पौधों में नया जीवन रचने बसने लगता है।  गौर और गणेश पूजा भी इसी दिन से तीन दिन तक राजस्थान में की जाती है ! चैत शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा के दिन सूर्योदय के समय जो वार होता है वह वर्ष संवत्सर का राजा कहा जाता है , मेषार्क प्रवेश के दिन जो वार होता है वही संवत्सर मंत्री होता है , मेषार्क का मतलब क्या है असल में यह मेष राशि से बना है इस दिन सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है इसी लिए इसे मेषार्क कहा जाता है संधि विच्छेद कुछ इस तरह है मेष + अर्क = मेषार्क। 

नव वर्ष एक उत्सव की तरह पुरे विश्व में अलग अलग स्थानों पर अलग अलग तरीको तथा विधियों से मनाया जाता है ! विभिन्न सम्रदायों के नव वर्ष समारोह अलग अलग होते है और इनके महत्व भी विभिन्न संस्कृतियों में अलग है अलग होती है जैसे -

इस्लामी कैलेंडर का नया साल मुहर्रम से शुरू होता है इस्लामी कैलेंडर पूरी तरह चाँद पर आधारित है जिसके कारण इसके बारह मासो का चक्र 33 वर्षो में सौर कैलेंडर का एक चक्र पूरा करता है। 

हिब्रू नव वर्ष - हिब्रू मान्यताओं के अनुसार ईश्वर द्वारा विश्व को बनाने में सात दिन लगे थे इस सात दिन के संधान के बाद नया साल मनाया जाता है। 

पश्चिमी नव वर्ष - नया साल 4000 साल पहले से बेबीलोन में मनाया जाता रहा लेकिन उस समय नए साल का ये त्यौहार 21 मार्च को मनाया जाता था ! रोम के तानाशाह जूलियस सीजर ने इसा पूर्व 45 वे वर्ष में जब जूलियन कैलेंडर की स्थापना की उस समय विश्व में पहली बार १ जनवरी को नया साल मनाया गया।  


नोट :- अगर लिखने मैं या किसी तरह की जानकारी साझा करने में कोई गलती हुई हो तो उसके लिए क्षमा का प्रार्थी हूँ। 
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Md Danish Ansari

Friday, 16 March 2018

Tu Sath Sath Hai Mere.....

March 16, 2018 0 Comments

Tu sath sath hai mere
Main sath sath hun tere

Dil jor jor se dhadke 
Jo hanth mera Tum thaame

Khil rahi hai har kali kali
Aaj baagon men muskura ke

Jo ek nazar tu dekh le
Main khil khila si jaun 

Jo chhu lo tum mujhe
Main sharm se dhal jaun 

Tu sath sath hai mere
Main sath sath hun tere

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Md Danish Ansari

Ye Sham Dhal Rahi Hai.....

March 16, 2018 0 Comments

Ye sham dhal rahi hai koi dur ho raha hai
Tum dur na ho mujhse ye dil kah raha hai 

Kahti hai meri aankhen jara sun lo mere sathi
Tujhe dekh lun jara fursat se ye dil kah raha hai 

Ye suraj jo Zarb hota ye kaha kaha ko jaata 
Ye sawal kyo kare Tum iska jawab nahi bhaata

Thahar thahar ke bite ye jo pal fisal raha hai
Hum wada kar rahe hai kal fir hum milenge

Ye sham dhal rahi hai koi dur ho raha hai
Tum dur na ho mujhse ye dil kah raha hai

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Md Danish Ansari

Tere Kareeb.....

March 16, 2018 0 Comments

Tere kareeb rahna chahun main
Tujhse alag nahi Tujhme rahna chahun main

Duriya ho tere mere bich magar itni bhi nahi
Tujhe har waqt har pal khud me mahsus karna chahun main

Khushboo ki tarah Mahak jaye tu
Or phoolon ki tarah bichh jaun main

Tere kareeb rahna chahun main
Tujhse alag nahi Tujhme rahna chahun main

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Md Danish Ansari